अवैध कोल डिपो बन्द कराने के लिए सौंपा ज्ञापन

181

वाराणसी।रामनगर में कामाक्षी सिनेमा हाल के नजदीक अवैध रूप से चलाये जा रहे कोल डिपो को बंद कराने के लिए आज एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त, जिलाधिकारी तथा पुलिस कमिश्नर से मिलकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन में उक्त अवैध कोल डिपो को तत्काल बंद कराए जाने की मांग की गई है ।गौरतलब है कि जनवरी 2021 से संचालित यह कोल डिपो बिना प्रदूषण विभाग की अनुमति के चल रहा था जिसे उस समय क्षेत्रीय जनता के विरोध तथा मजिस्ट्रेट के आदेश के तहत जून 2021 में बंद कराया गया। जन सूचना अधिकार के अंतर्गत निकाली गई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से ( वीके कोल ट्रेडर्स, कामाक्षी सिनेमा हॉल के पास, रामनगर वाराणसी ) को कोल डिपो चलाने के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं जारी किया गया था । बावजूद इसके स्थानीय प्रशासन से मिलीभगत तथा सक्षम अधिकारियों द्वारा मामले की अनदेखी किए जाने की वजह से काफी दिनों तक उक्त ने अवैध रूप से कोल डिपो का संचालन किया। यह अवैध कोल डिपो सक्षम अधिकारियों की चुप्पी की वजह से पुनः जनवरी 2022 में शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि उक्त कोल डिपो के 500 मीटर के परिक्षेत्र में राष्ट्रीय महत्व की कई धरोहरें – दुर्गा मंदिर, जनकपुर मंदिर, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, वन विभाग कार्यालय, डीएवी पब्लिक स्कूल तथा तीन चार कालोनियों की घनी बस्ती है ; साथ ही कोल डिपो के सामने एक बड़ा चांदमारी ग्राउंड है जिस पर क्षेत्र के हजारों लोग सुबह – शाम टहलने के लिए आते हैं । इन सब बातों के होते हुए भी वर्तमान में पुनः उक्त कोल डिपो अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। कोल डिपो की वजह से पूरे क्षेत्र में कोयले के बारीक कण तथा भयंकर धूल की वजह से अत्यधिक प्रदूषण फैल रहा है तथा गर्मी का मौसम आने के उपरांत यह और भी विकराल रूप ले लेगा । इन बातों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय जनों ने विगत दिनों एक बैठक आहूत करते हुए यह निर्णय लिया कि इस कोल डिपो को बंद कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा और उस मुहिम के अंतर्गत जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। इसी क्रम में आज अवैध रूप से चलाए जा रहे उक्त कोल डिपो को तत्काल बंद कराने के लिए सक्षम अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपकर इसे अविलंब बंद कराने की प्रार्थना की गई। प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से डॉ अवधेश दीक्षित, सभासद संगीता पटेल, धीरेंद्र प्रताप सिंह आशीष, विकास आदि लोग शामिल थे।