उत्तर प्रदेश दिवस पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं का राजधानी लखनऊ में हुआ सम्मान

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सम्मान पाकर खिले युवाओं के चेहरे, वाराणसी के राजातालाब के राजकुमार गुप्ता और बेनीपुर के विनोद कुमार को मिला ‘समाज रत्न’ सम्मान,

 

‘उत्तर प्रदेश’ एवं ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के युवाओं को राजधानी लखनऊ में ‘समाज रत्न एवं ‘ सुकन्या शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया,

 

लखनऊ: गोमती नगर स्थित बाल्मिकी रंगशाला में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की रंगमंच योजनान्तर्गत उत्तर प्रदेश दिवस एवं राष्ट्रीय बालिका दिवस धूमधाम से मनाया मनाया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक एवं बाल सुरक्षा संगठन (डब्ल्यूपीएल) रूचिता चौधरी, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय नशामुक्ति एवं पुनर्वास समिति नई दिल्ली की सदस्य सुमित अंकुर सिंह, संगिनी महिला क्लब अध्यक्ष स्मिता श्रीवास्तव, स्वस्थ भारत संवैधानिक भारत के अध्यक्ष दीलिप यशवर्धन, सुबाष चन्द्र बोस सेवा संस्थान के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, पीजीआई की सीनियर नर्सिंग आफ़िसर नीमा पंत, स्वाति जैन, पारुल श्रीवास्तव, अमर आनंद, संध्या, अपूर्वा, तेजस्विनी, डा. अमित सक्सेना आदि गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो युवाओं को समाज रत्न सम्मान से नवाजा गया हैं। राजातालाब के राजकुमार गुप्ता और बेनीपुर के विनोद कुमार हैं। राजकुमार ने समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विनोद कुमार को ये सम्मान दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में लाने को दिया गया है।

 

इस अवसर पर बतौर कार्यक्रम संचालिका रोमा श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम 24 जनवरी 1950 को पंडित गोविंद बल्लभ पंत द्वारा रखा गया था। इसके पहले इसे संयुक्त प्रान्त के नाम से जाना जाता था। 24 जनवरी के महत्व को लोगों को समझाने के लिए सृजन फाउंडेशन ने 2016 से 24 जनवरी को *’उत्तर प्रदेश दिवस’* मनाना प्रारंभ किया था। इसके अंतर्गत समाज में अपना विशिष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाता है। सृजन फाउंडेशन, सुभाष चंद्र बोस सेवा संस्थान, स्वस्थ भारत संवैधानिक भारत एवं संगिनी महिला क्लब द्वारा समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को ‘समाज रत्न सम्मान’ एवं ‘सुकन्या शक्ति सम्मान’ दिया गया।

 

*इन्हें मिला समाज रत्न सम्मान*

 

ओम सिंह (चैतन्य वेलफेयर फाउंडेशन), नीलू त्रिवेदी (स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन), सुमन रावत (पावरविंग्स फाउंडेशन), वर्षा वर्मा (एक कोशिश ऐसी भी), अश्वनी मेहता, प्रदीप पात्रा (एम आर एस पी सेवा समिति), सीमा यादव (केअर एजुकेशन ट्रस्ट), पंकज शर्मा (सेफ्टी ट्रेनर, ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क) अंशु बग्गा (पंख), विनीता प्रसाद (कंगन फाउंडेशन), शैलेंद्र सिंह (दिल्ली प्रेस), कथक गुरु अर्चना तिवारी, सोमनाथ कश्यप, नीमा पंत, रचना मिश्रा, अनीता चंडोक, मुकेशानंद, नीतेश कुमार, प्रयूश ह्यूमन (हरदोई), शशांक शुक्ला (जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे, कानपुर नगर), राजकुमार गुप्ता (वाराणसी दलित फ़ाउंडेशन), विनोद कुमार (वाराणसी कस्तूरबा सेवा समिति), धर्मेंद्र कुमार ओझा (संरक्षण अधिकारी कानपुर देहात), विशाल कुमार गुप्ता (देवरिया), आकाश गुप्ता (राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन), नेहा अग्रवाल, नितिन मित्तल, नीलम श्रीवास्तव, सुमित मिश्रा (सेफ्टी ट्रेनर, ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क), इमदाद इमाम, सौरभ निगम, बलराज ढिल्लन, अखंड मिश्रा को अलग अलग क्षेत्रों के लिए समाज रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।

 

*इन्हे मिला सुकन्या शक्ति सम्मान*

 

आव्या श्रीवास्तव (सिंगिंग), इशिका श्रीवास्तव (नृत्य), स्तुति जैन (नृत्य), बानी चावला (गायन), भव्या श्रीवास्तव (नृत्य), नंदिनी खरे (नृत्य), अपूर्वा तिवारी (नृत्य), सीमा पाल (नृत्य), समृद्धि सक्सेना (नृत्य), सिम्मी कुमारी (नृत्य), लावण्या जायसवाल (नृत्य) अक्षरा श्रीवास्तव (नृत्य), राधा यादव (शिक्षा) को सुकन्या शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।

 

इस मौक़े पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा उपस्थित लोगों का कलाकारों ने मन मोहा, तो वही सामाजिक कुरीतियो पर करारा प्रहार भी किया गया.

 

सांस्कृतिक प्रस्तुति क्रमशः- स्तंभ द ओशन ऑफ कत्थक नॉलेज” की ओर से गुरु अर्चना तिवारी के निर्देशन में अपूर्वा तिवारी ,सिम्मी कुमारी, स्तुति जैन, लावण्या, समृद्धि, सीमा पाल, अविनाश सिंह ने “नारी उत्थान सशक्त हिंदुस्तान” पर प्रस्तुति दी। इशिका श्रीवास्तव ने कथक की धुन पर अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। आव्या श्रीवास्तव द्वारा ओ री चिरैया गाना प्रस्तुत किया गया। राधा यादव- नैनों वाले ने, निमिषा वर्मा- ठुमक ठुमक चलत रामचंद्र, पलक वर्मा- एक सलामी दे दो जवान के नाम, कॉमेडी- अमर आनंद एवं पारुल श्रीवास्तव, गर्व- तेरी मिट्टी में मिल जावां, भूषण अग्रवाल, प्रियंका एवं शालिनी चंद्रा द्वारा लोकनृत्य, लक्ष्मी श्रीवास्तव- ऐ मेरे वतन के लोगों, पार्थ श्रीवास्तव- तेरी मिट्टी में मिल जावां, अरशद आजम- अपनी आजादी को हम हरगिज, अंकिता सिंह- ऐ मेरे प्यारे वतन, राजीव रावत- छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी पर गायकी की। अनिका वर्मा, पूनम मिश्रा, अक्षिता सिंह एवं गोपेन्द्र वर्मा द्वारा प्रस्तुति दी गयी।

 

अंत में आभार संस्था के अध्यक्ष डॉ अमित सक्सेना ने किया तो वही अतिथियों का स्वागत नेशनल अवार्डी अजीत कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम में शैलेंद्र मोहन, ऋषभ श्रीवास्तव, अभय वर्मा आदि उपस्थित रहे।