उपराज्यपाल ने कहा कि जो समाज अपने पुरखों का पराक्रम भूला देता,उसका इतिहास एवं स्वतःसमाप्त हो जाता

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भांवरकोल गाजीपुर।ब्लॉक इलाके के सहरमाडीह पर नवनिमित किनवार कीर्ति स्तंभ का लोकार्पण जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने फीता काटकर किया।मां कुलदेवी का वैदिक मंत्रोचार के बीच पूजन एवं आरती किया गया।इस मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जो समाज अपने पुरखों का पराक्रम भूला देता है उसका इतिहास एवं भूगोल स्वत ही समाप्त हो जाता है।इस मौके पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा किनवार वंश का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है।अतीत में कर्नाटक से आए किनवार बंशीय लोग हमेशा ही देश एवं समाज का कायाकल्प किया है।जिसका इतिहास गवाह है।ऐसे में किनवार वंश के विशेष रुप से इंजीनियर अरविंद राय के द्वारा उनके पूर्वजों की धरोहर को सजाने का जो सपना देखा था आज उसे पूरा कर दिखाया।इसके लिए मैं इन्हें विशेष साधुवाद देना चाहता हूं।किनवार वंश का पूर्वज हमें करुणा एवं सद्भाव का संदेश देते है।ऐसे में हमें उन पुरखों के मूल्यों को स्थापित करने के लिए वर्तमान पीढ़ी को नया इतिहास बनाना होगा।उन्होंने कहा कि गाजीपुर की विशेष रूप से करईल इलाके के लोगों ने जो मुझे प्यार और सम्मान दिया है उसे मैं आजीवन भुला नहीं सकता।मेरी पहचान एवं लगाव आज भी गाजीपुर की ही जनता से है और आगे भी रहेगा।मुझे हमेशा ही जिले की जनता के बीच रहना चाहूंगा।उन्होंने कहा आज पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री ने जो हमको जिम्मेदारी सौंपी है मैं आपका सेवक और परिवार का सदस्य होने के नाते मैं आप सब से वादा करता हूं कि भारत को कश्मीर में शांति स्थापित कर लौटूंगा।उन्होने कहा कि आज कश्मीर में अमन चैन है।विस्थापित लोगों को पुनःस्थापित कर कश्मीर में विकास की गंगा बहाके रहूंगा।कहा कि इस स्तंभ से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए ताकि नए वर्गों को साथ लेकर नए इतिहास की रचना की जाए यही हमारे पुरखों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।इस मौके पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने कहा भूमिहार ब्राह्मण समाज से समाज का इतिहास का काफी गहरा रिश्ता रहा है।हमारी संस्कृति ज्ञान की रही है इतिहास गवाह है कि कालांतर में भूमिहार ब्राह्मणों में देश के कई राजाओं को प्रतिस्थापित कर इतिहास बनाया है।उन्होंने कहा कि देश का विकास वर्तमान परिवेश को यह दर्शाता है कि सत्ता के बिना शासन के बिना मानवता के लिए कोई कल्याण का कार्य संपन्न नहीं किया जा सकता। इसके लिए आपको विद्या अध्ययन के साथ ज्ञान अर्जन के साथ लक्षय निधारित करना बेहद जरूरी है।परिवार सुद़ढ एवं सांस्कारिक हो इसके लिए बुजुर्गों से युवाओं को पूरी तन्मयता के साथ सीख लेने की जरूरत है।उन्होंने कहा किे किनवार कीर्ति स्तंभ आने वाली पीढ़ियों को सदा ही सृजन की ओर ले जाएगी और मुझे उम्मीद है यह एक दिन वट वृक्ष के रूप में परिलक्षित होगा।इस मौके पर इंजीनियर अरविंद राय ने कहा कि इस स्तंभ के निर्माण के लिए मैं उपराज्यपाल माननीय मनोज सिन्हा का विशेष आभारी हूं जिनकी प्रेरणा से इसे साकार बनाने का कार्य शुरू किया था।इसके निर्माण के लिए मेरे समाज के बहुत लोगों ने मुझसे कहा था।मैंने इसके लिए समाज के सभी लोगों के सलाह के साथ इसी स्मारक के निर्माण के बाबत संरचना एवं ढांचा पर चर्चा की गई।आज इसका लोकार्पण मनोज सिन्हा के हाथों से होने से हमारा समाज आपका ऋणी है।आपकी बडी़ जिम्मेदारी काफी व्यस्तता के बावजूद जिम्मेदारियों के साथ वह अमूल्य समय निकालकर हमारे बीच आए इसके लिए मैं किनवार समाज की ओर से आभार व्यक्त करता हूं इसके लिए मैं हमेशा आपका ऋणी रहूंगा।इस मौके पर डॉ आनंद शंकर सिंह ने कहा तेरहवीं शताब्दी से किनवार वंश का पराक्रम एवं गौरवशाली इतिहास रहा है।इसी बीच आज लगभग 160 से अधिक गांव में निवास करते हैं इतना ही नहीं बिहार प्रांत में भी एवं बंगाल में भी कुछ किनवार वंश के लोग बसते हैं।आज इस मौके पर हम अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए मैं आप सभी को विशेष रुप से इंजीनियर अरविंद राय को विशेष साधुवाद देता हूं यह स्तंभ एक निश्चित अवधि में अपनी पूर्ण इतिहास को समेटे हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा ही प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।समारोह को डॉ.एन.राय,विजयशंकर राय,डा.मांधाता राय आदि ने भी अपना विचार व्यक्त किया।इस मौके पर इंजीनियर अरविंद राय की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।इस मौके पर विधायक अलका राय,पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, अशोक मिश्रा,विजयशंकर राय,कृष्णबिहारी राय,भानु प्रताप सिंह,राजेश राय पप्पू,वीरेंद्र राय,आनंद राय मुन्ना,पियूष राय,हिमांशु राय,नीशू राय आदि लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता किनवार समाज के अध्यक्ष संतोष राय एवं संचालन व्यास मुनि राय ने किया।