कांग्रेस एक महागाथा है:नईम प्रधान 

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गाजीपुर।जनपद देवकली ब्लाक कैम्प कार्यालय पर कांग्रेस पार्टी की स्थापना दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष मंडल प्रभारी वाराणसी गोरखपुर न ईम प्रधान ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना बेहतर प्रतिनिधियों की उपस्थिति में 28 दिसंबर 1885 में ए ओ ह्यूम के पहल पर मुंबई के गोकुलदास संस्कृत कॉलेज मैदान में हुई, उस दौरान कॉलेज के मैदान में देश के विभिन्न प्रांतो के राजनीतिक, सामाजिक विचारधारा के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, यह राजनीतिक मंच एक संगठन में तब्दील हुई, जिसका नाम “कांग्रेस” रखा गया, कांग्रेस की स्थापना के समय ए ओ ह्यूम के साथ 72 और सदस्य थे, उस दौरान व्योमेश चंद्र बनर्जी पहले अध्यक्ष नियुक्त हुए, फिर चल पड़ा कांग्रेस का कारवां—– इस दौरान कांग्रेस ने काफी उतार चढ़ाव भी देखे, कई बार पार्टी में दरार पड़ी फिर भी उसकी खुशबू भारत के कोने-कोने में देश के हर प्रांतों में फैली हुई है, देश की आजादी की लड़ाई कांग्रेस के नेतृत्व में लड़ी गई, कांग्रेस का योगदान देश के लिए स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व जितना महत्वपूर्ण रहा, काफी कुर्बानियां देनी पड़ी, देश की आजादी के लिए उतना ही महत्वपूर्ण आजादी के बाद भी कांग्रेस का योगदान रहा, लूट बिखरा भारत में सुई तक नहीं बनती थी, परंतु देश आजाद होने के बाद हवाई जहाज,परमाणु तक देश में बनने लगे, बांध, नहर, अस्पताल, सड़क, आई टी, टेक्नोलॉजी से लेकर अंतरिक्ष तक कांग्रेस ने अपने विकास के रथ को निरंतर जारी रखा, इस दौरान पंचवर्षीय योजना, हरित क्रांति,शिक्षा क्रांति, कंप्यूटर क्रांति के साथ देश की सेना भी सशक्त बनाया गया, भारत ने दुनिया के नक्शे में अपनी प्रमुख पहचान स्थापित किया, कांग्रेस के नेतृत्व में एक तरफ भाईचारा- सद्भावना के फूल खिले, वहीं दूसरी तरफ देश काफी सशक्त व ताकतवर बना, वही देश में पैदावार की क्षमता बढ़ी, देश में कल- कारखाने बढ़े, इसरो, एम्स का निर्माण हुआ,मेडिकल- इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, गरीबों, पिछड़ों, महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों, छात्रों, युवाओं के हितों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलायीं गई,नेहरूजी, शास्त्री जी,इंदिराजी,राजीव गांधी जी, सोनिया गांधी जी, डॉ मनमोहन सिंह जी, राहुल गांधी जी के नेतृत्व में देश में विकास व भाईचारा खुशहाली का करवा चलता रहा, देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई,अफसोस सांप्रदायिक शक्तियों की नजर देश पर पड़ी और देश पर आज भाईचारा का संकट, विकास पर संकट सीमाओं पर संकट के बादल छा रहे हैं,आईए, संकल्प लें, आगामी 2024 में कांग्रेस को फिर से देश की सत्ता पर स्थापित कर देश में खुशहाली, विकास व खोया गौरव वापस लाएं—–

कांग्रेस है तो देश है—-

कांग्रेस है तो हम हैं,कांग्रेस है तो विकास है——

कांग्रेस टूटा तो देश टूटेगा

“हमें गर्व है कि हम कांग्रेसी हैं”

जय हिंद -जय कांग्रेस