किसान का बेटा बना दरोगा, बधाई देने वालों का लगा तांता 

164

मरदह गाजीपुर।लंबे इंतजार के बाद उपनिरीक्षक पद पर मिली तैनाती,किसान का बेटा बना दरोगा,क्षेत्र में खुशी का माहौल।उत्तर प्रदेश उपनिरीक्षक भर्ती वर्ष 2016 में चयनित मरदह ब्लाक के बैदवली गांई गांव निवासी घनश्याम यादव पुत्र हरिहर यादव (किसान) को हाईकोर्ट के आदेश पर नियुक्ति का रास्ता साफ हुआ है।इनकी तैनाती इलाहाबाद जनपद में उपनिरीक्षक पद पर हुई है।इस आदेश पर उपनिरीक्षक पद पर कुल 2486 अभ्यर्थियों के भविष्य तय हुए है।कुल 17 माह तक न्यायालय के फैसले के इंतजार के बाद आये निर्णय पर बैदवली गांई गांव में हर्ष का माहौल व्याप्त है।परिजनों ने मिष्ठान वितरण कर हर्ष व्यक्त किया है।घनश्याम यादव की प्रारंभिक शिक्षा इंटरमीडिएट तक

माता तपेश्वरी इंटर कॉलेज मरदह से,शारदा यूनिवर्सिटी नोएडा से बीटेक करने के बाद यूपी.एस. आई की तैयारी में जुट गया था जिसे पहली बार में ही सफलता हासिल की।इस मौके पर ग्राम प्रधान माया यादव, लालजी यादव,जयप्रकाश यादव, नागेन्द्र यादव,योगेश यादव, त्रिलोकी यादव,त्रिदेव यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम ने प्रसन्नता व्यक्त किया।

दरोगा भर्ती 2016 के चयनित अभ्यर्थियों को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नियुक्ति पत्र दे दिया गया।नियुक्ति पत्र के साथ-साथ इन अभ्यर्थियों को बीते शनिवार को ही जिलों में तैनाती भी दे दी गई।

स्थापना बोर्ड ने उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 2248 चयनित अभ्यर्थियों में से 2106 को नियुक्ति पत्र भेज दिया।इस पद के लिए 2400 पुरुष और 600 महिलाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया जून 2016 में शुरू हुई थी। 2018 में इसका परिणाम घोषित किया गया इसमें 1943 पुरुष और 305 महिला यानी 2248 अभ्यर्थी चयनित हुए। इनकी मेडिकल और अभिलेखों का सत्यापन हुआ जिसके बाद अंतिम रूप से 2106 अभ्यर्थी प्रशिक्षण के लिए भेजे गए।इसी दौरान नार्मलाइजेशन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने न्यायालय का रुख किया था।हाईकोर्ट ने 2019 में इस भर्ती पर रोक लगा दी थी।हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की प्रक्रिया को वैध माना और नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया।