किसान नेता योगीराज सिंह ने नामांकन रद्द करने को बताया तानाशाही,बोले- इस ज्यादती के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे

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वाराणसी।राजातालाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सेवापुरी विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करने वाले पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह के विधानसभा चुनाव लड़ने के सपने पर पानी फिर गया है। निर्वाचन अधिकारी ने योगीराज का नामांकन पत्र रद्द कर दिया है।

पर्चा ख़ारिज होने के अगले दिन शनिवार को राजातालाब में योगीराज ने पत्रकारों और अपने समर्थकों से बातचीत की। योगीराज ने कहा कि मेरा नामांकन गलत तरीके से खारिज किया गया है। वो अपने साथ हुई इस ज्यादती के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि नामांकन रद्द करने के लिए सरकार के तरफ से डीएम पर दबाव बनाया गया है। गुरुवार और शुक्रवार को 11 बजे तक मैं अपना स्पष्टीकरण जमा करने गया और मेरा नामांकन यह कह कर रद्द कर दिया कि मैंने 11 बजे तक अपने साक्ष्य जमा नहीं किए। ये बिल्कुल तानाशाही रवैया है।

 

बता दें कि योगीराज को प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में उन्हें जवाब देने का समय 18 फ़रवरी 2022 दिया गया है। नियत तारीख और समय के पहले अपने अधिवक्ता प्रेम प्रकाश यादव के साथ कई बार साक्ष्य जमा करने गया लेकिन रिटर्निंग अफ़सर उदय भान सिंह ने मेरा साक्ष्य लेने से मना कर दिया इस तरह से समझा जा सकता है कि सत्ताधारी सरकार की तरफ से आरो पर मेरा नामांकन रद्द करने के लिए कितना दबाव बनाया गया है।

 

योगीराज के वकील प्रेम प्रकाश यादव ने कहा कि हमने नामांकन फार्म में मांगे गए सभी साक्ष्यों को जमा कर दिया था। बावजूद इसके योगीराज का नामांकन खारिज कर दिया गया। अपने हक के लिए हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

 

योगीराज के समर्थकों की मांग है,

 

सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थकों ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत योगीराज का पर्चा रद्द किया जा रहा है। ये षड्यंत्र भाजपा सरकार और निर्वाचन अधिकारियों ने रचा है। समर्थकों ने चेतवानी दी कि योगीराज का पर्चा रद्द होने पर वे किसान विरोधी तानाशाही सरकार के खिलाफ अनवरत लोगों से अपील करेंगे कि भाजपा को वोट ना दें और उनके साथ देश भर से किसान वाराणसी आएंगे।