गाजीपुर की यात्रा में पूर्वांचल को साध गए एलजी मनोज सिन्हा –श्रीराम जायसवाल

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गाजीपुर। जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर गाजीपुर जनपद से पूर्व सांसद मनोज सिन्हा अपने तीन दिवसीय यात्रा पर गाजीपुर आए थे। इस यात्रा के दौरान पूरे पूर्वांचल के लोग उनसे मिलने के लिए लालायित रहे। वही श्री सिन्हा अपने इस तीन दिवसीय यात्रा में श्री सिन्हा पूरे पूर्वांचल को साध गए।

श्री सिन्हा ने एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को सम्बोधित करते हुए कहाकि कभी मैं सोचता हूँ कि मेरा परिचय क्या है, तो मैं पाता हूं कि मैं गाजीपुर की एक धूलि कण हूं। जैसे गांडीव धनुष की टंकार और अर्जुन अलग नहीं रह सकते वैसे मैं भी गाजीपुर से अलग नहीं रह सकता हूं। जो भी मेरी बातें टेलीविजन या सोशल मीडिया पर दिखायी पड़ती हैं वो असल मे गाजीपुर का गर्जन है। मैं दिल्ली में रहूं, श्रीनगर में रहूं या जम्मू में रहूं मेरे दिल मे जो चिंगारी जलती है वो गाजीपुर की है। मैं आप का ही सिपाही बनकर निष्ठा से काम कर रहा हूं। उनके इस संबोधन से लोग भाउक हो उठे। इन तीन दिन की यात्रा के दौरान मनोज सिन्हा लगातार गाजीपुर के प्रति अपने जुड़ाव की बात लगभग हर मंच से करते रहे। जिसमें उन्होंने यहां तक कहाकि टेलीविजन व सोशल मीडिया इत्यादि पर उनके जो भी कार्य दिखाई पड़ते हैं वह गाजीपुर कि लौ है। उनके सीने में गाजीपुर का दिल धड़कता है जो आजीवन रहेगा। इस दौरान अपने तमाम राजनीतिक सामाजिक मित्रों के साथ गलबहियां करते नजर आए। श्री सिन्हा लोगों को अपने संबोधन के दौरान भाऊक करते नजर आए। वहीं मंच पर मौका मिलते ही केंद्र सरकार की नीतियों व योजनाओं का बखान करते हुए 2014 से पूर्व की सरकारों पर प्रहार करते नजर आए। उनके समर्थकों में उत्साह का आलम यह रहा कि लोग कड़ाके की शीतलहर में भी अलसुबह से देर शाम तक मनोज सिन्हा की राह निहारते रहे। जगह-जगह बैंड बाजा पुष्प वर्षा व जयकारों के साथ लोकप्रिय नेता का स्वागत होता रहा। एक तरह से कहें तो अपनी तीन दिन की यात्रा में मनोज सिन्हा पूरे पूर्वांचल को साध गए।

-राजनीतिक पंडितों ने लगाया चुनाव लड़ने का कयास, श्री सिन्हा ने कहा जम्मू कश्मीर में शांति की स्थापना कराकर हुई लौटूंगा वापस

उनकी इस यात्रा पर राजनीतिक पंडितों द्वारा यह कयास भी लगाया जाना शुरु हुआ कि क्या 2024 का लोकसभा चुनाव मनोज सिन्हा लड़ेंगे। लेकिन उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहाकि प्रधानमंत्री ने उन्हें जिस कार्य से जम्मू कश्मीर भेजा है वह कार्य संपादित करा कर ही लौटूंगा। जिसमें उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर में शांति की बहाली उनका प्रथम लक्ष्य है जिस की बहाली के उपरांत ही वह जम्मू-कश्मीर से लौटेंगे।

गौरतलब हो कि गुरुवार 23 दिसंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान लेफ्टिनेंट गवर्नर जम्मू कश्मीर मनोज सिन्हा का आगमन गाजीपुर के लिए हुआ। जहां शाम को बाबतपुर एयरपोर्ट पर ही सैकड़ों वाहनों का काफिला अपने नेता के स्वागत के लिए पहुंच गया। जनपद में प्रवेश के बाद जगह-जगह स्वागत होते हुए लोग गाजीपुर पहुंचे। जहां देर शाम उन्हें आराम कक्ष में जाने के लिए उनके अंगरक्षकों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। जो उनके लोकप्रियता का प्रमाण रहा। 24 दिसंबर शुक्रवार की सुबह पैतृक गांव मोहनपुरवा में कुल देवता पूजन के बाद विभिन्न कार्यक्रमों में सहभगीता के दौरान गाजीपुर जनपद के साथ ही बलिया, आजमगढ़, मऊ, बक्सर, चंदौली वाराणसी के लोगों का हुजूम गाजीपुर शहर में उमड़ा रहा। जिधर जिधर श्री सिन्हा का काफिला गया लोग उधर ही नजर आते गए। 25 दिसंबर शनिवार अलसुबह उनके आवास पर समर्थकों की उमड़ी भीड़ उनके साथ विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के साथ ही सिद्धपीठ श्री हथियाराम में दर्शन पूजन के उपरांत बाबतपुर एयरपोर्ट तक पहुंचा। तब तक लोग उन्हें निहारते रहे जब तक उनका राजकीय विमान उड़ नहीं गया।