जननी सुरक्षा योजना मुहैया कराने में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद जनपद में अव्वल 

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दूसरे स्थान पर सैदपुर व तीसरे स्थान पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमानिया

 

गाजीपुर।स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बेहतर कार्य करने का हौसला प्रदान करता है ।कुछ ऐसा ही प्रतिस्पर्धा जनपद में जननी सुरक्षा योजना को लेकर हुई । इस योजना में पिछले 4 सालों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद ने 27958 गर्भवती का प्रसव कराकर, जननी सुरक्षा योजना में उनका शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया, वहीं 24163 प्रसव के साथ सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दूसरे स्थान पर और 16224 प्रसव के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियां तीसरे स्थान पर है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि उनके स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत चलने वाले सभी उपकेंद्र के साथ ही स्वास्थ्य केंद्र पर कुशल एएनएम और क्षेत्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं के समन्वय से लगातार प्रसव कराया जाता रहा है। जिसके चलते मार्च 2018 से नवम्बर 2021 तक उनका ब्लॉक 27958 प्रसव कराकर जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इतना ही नहीं विभाग के सहयोग से सभी का जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले लाभ का उनके खातों में भुगतान भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 24571 गर्भवती आशा कार्यकर्ता के माध्यम से लाई गई हैं। उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को ₹1400 का भुगतान किया जाता है। जिसके सापेक्ष 3 करोड़ 91 लाख का भुगतान उनके ब्लॉक में किया गया है। वहीं ग्रामीण इलाकों से गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र तक लाने के लिए आशा कार्यकर्ता को ₹600 प्रति प्रसव पर भुगतान किया जाता है जिसके सापेक्ष 1 करोड़ 47 लाख का भुगतान किया गया।

लाभार्थी आशा ने बताया कि उनके बच्चे का जन्म मोहम्मदाबाद स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ और उसके बाद 15 दिन के अंदर उनके खाते में 1400 का भुगतान प्राप्त हो गया। जिसको लेकर उन्होंने विभाग की सराहना भी किया। मोहम्मदबाद बाजार की रहने वाली एक अन्य लाभार्थी मीरा ने बताया कि उनके यहां क्षेत्र की आशा लगातार आकर उनके बारे में जानकारी लेती रही। जब प्रसव का समय आया तो आशा के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र पर गई। जहां पर उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया। आज मां-बेटे स्वस्थ है। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके नाम से खाता नहीं था लेकिन विभाग के लोगों ने खाता खुलवाने में मदद किया और खाता खोलने के 15 दिनों में ₹1400 का भुगतान उनके खाते में आ गया।