ठगी के मामले में ठगो के दबाव में उल्टे फरियादी के बेटे पर हुआ मुकदमा

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रेवतीपुर गाजीपुर।स्थानीय गावं में सुनारो की मनमानी इस कदर हैं की यदि कोई ग्राहक उनसे गहना ख़रीदता हैं तो वो उन्हें पक्की रसीद नहीं देते क्योकि उनकी दुकाने रजिस्टर्ड नहीं हैं।जो इसे अबैध तरीके से चलाते हैं।गांव के लोगो इसकी की जानकारी न होने से वो शादियों में उनसे गहना खरीदते हैं।जिसमें वो भारी मिलावट करते हैं।और ग्राहकों के ये 24 कैरेट के भाव से सोना बेचते हैं।और वापसी पर ये 10% काटकर पैसा वापस करने की बात करते हैं।जब कोई कभी गहना वापस करने जाता हैं तो वो उसमे 25 % से 30 % कटौती कर उसे ग्राहक को वापस करने को मजबूर कर देते हैं।ऐसा एक मामला रेवतीपुर थाने पर आया हैं।रविन्द्रनाथ लाल जो एक किसान हैं उन्होंने अपनी बेटी की शादी में गहना बनवाया था।जब उसमें मिलावट की शिकायत आयी।इनके परिवार के लोग गहनों (बाला)में लोहे का तार होने की पुष्टि किए तब वे अपने गहनों को 4 दिसम्बर 2021 में गहना वापस की पेशकश किया तो रेवतीपुर के स्वर्णकार अशोक वर्मा ने 10% की वापसी की बात कर उस गहने को आग में जला दिया।और जलाने के बाद वापसी के समय वो 20% बट्टा की बात कहने लगा।इस पर 16 जनवरी 2022 को रविन्द्रनाथ लाल ने स्थानीय थाने रेवतीपुर में शिकायत किया।लेकिन रेवतीपुर थाने पर इसकी सुनवाई नहीं हुयी।पुनःरविंद्रनाथ लाल ने पुलिस अधीक्षक के यहाँ 27 फरवरी 2022 को इस मामले को रखा।पुलिस अधीक्षक ने मामले को थाने पर भेजा और जिस पर दोनों पक्षों में 12 फरवरी 2022 को लिखित रूप में थाने पर 15 % की कटौती पर दोनों पक्ष का समझौता हुआ था।लेकिन फिर स्वर्णकार अशोक बर्मा ने अपने स्वजातीय SI हरीशचंद्र वर्मा से मिलकर रविंद्रनाथ लाल के पुत्र विनय कुमार श्रीवास्तव पर 16 मार्च 2022 को गुप्त तरीके से इसी मामले में FIR करा दिया जिसमें 107/116 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।जिसकी जानकारी न्यायालय के समन आने के बाद परिवार को 31 मार्च 2022 को हुआ।जब कि मामला रविन्द्रनाथ लाल एवं अशोक वर्मा के बीच हैं।लेकिन पुलिस फरियादी के बेटे को इसमें जानबूझ कर फ़साना चाहती हैं ताकि आगे इस तरह के धोखाधड़ी के मामले में कोई आगे न आये और स्वर्णकारों का ये खेल चलता रहे।