डीएम साहब आपकी नजरें इधर भी होती 

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बिरनो गाजीपुर।ब्लाक अंतर्गत भड़सर गांव के युवाओं को खेलकूद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। भूमि पर अतिक्रमण की होड़ मची है शासन का सहयोग ना मिल पाने से उनकी प्रतिभाओं का विकास नहीं हो पा रहा है।खेलकूद की तैयारी के लिए चार दशक पूर्व निर्मित व्यामशाला पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है।लाभ युवाओं को नहीं मिल पाने से प्रतिभाएं मुकाम हासिल नहीं कर पा रही हैं।ग्रामीण युवा खेलकूद विभाग की ओर से इस व्यामशाला का निर्माण 8 मार्च वर्ष 1983 में कराया गया था उस समय के तत्कालीन जिलाधिकारी रामेश्वरनाथ सिन्हा व जिला युवा कल्याण व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी अवधेश कुमार सिंह,मुख्य विकास अधिकारी तेज बहादुर लाल,अवंर अभियंता जिला परिषद उमाशंकर पांडेय के कर कमलों द्वारा इस व्यामशाला का शिलान्यास किया गया था।व्यामशाला में जिम्नास्टिक एथलेटिक्स आदि का सामान था। सुबह शाम युवक वहां पहुंचकर इन उपकरण का उपयोग करते थे।व्यामशाला का लाभ लेकर काफी संख्या में युवक अपनी प्रतिभा के बल पर कई विभागों में नौकरी पा चुके हैं।उचित देखरेख न होने से व्यामशाला में मौजूद सामान धीरे-धीरे गायब हो गए। हालत यह है कि इसका दरवाजा खिड़की गायब होने के साथ ही दीवारों की ईंटों का भी पता नहीं लग पा रहा है।जमीन पर ग्रामीणों द्वारा अवैध कब्जा करने की होड़ मची हुई है।इसी क्रम में ग्रामीणों के द्वारा व्यामशाला के जमीन पर उपला से लेकर पुआल रख कर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है।