निजीकरण की नीतियों के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया आन्दोलन

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गाजीपुर।संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में शहर छेत्र के लालदरवाजा पावर हाउस में बिजली कर्मियों का विरोध सभा व प्रदर्शन हुवा जिसमे इलेक्ट्रीसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 और स्टैण्डर्ड बिडिंग डॉक्युमेंट के मसौदे को वापस लेने के लिए कर्मी आंदोलित रहे जिसमे निजीकरण की समस्त प्रक्रिया निरस्त की जाए और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण व आगरा का फ्रेन्चाइजी करार रद्द किया जाए। संघर्ष समिति के जिला संयोजक श्री निर्भय नारायण सिंह ने वक्ताओं को संबोधित करते हुवे कहा कि चंडीगढ़ एवं पांडिचेरी सहित सभी केंद्र शासित प्रदेशों व अन्य स्थानों पर चल रही निजीकरण की सारी प्रक्रिया निरस्त किया जाए एव केरल के केएसईबी लिमिटेड की तरह उप्र में भी सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए और सभी बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाए वही तेलंगाना की तरह ऊर्जा निगमों में कार्यरत सभी संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए और नियमित पदों पर नियमित भर्ती की जाए। शांतिपूर्ण आन्दोलन के कारण प्राविधिक कर्मचारी संघ के सदस्यों की वेतन कटौती और अन्य दमनात्मक कदम वापस लिये जायें वही नव नियुक्त ऊर्जा मंत्री श्री एके राय से मांग किये की संघर्ष समिति कमेटी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक करके सभी समस्याओं का निदान किया जाय ताकि आये दिनों हो रहे कार्य बहिष्कार एव कर्मचारियों का आंदोलन से मुक्ति मिल सके एव सुचारू रूप से विजली कर्मी अपने कार्य को सही तरीके से संपादित कर सके। वही जिला संयोजक श्री निर्भय सिंह ने बताया कि 06 अक्टूबर 2020 को संघर्ष समिति व मंत्रीमंडल उप समिति के मध्य हुए लिखित समझौते का पालन करते हुए वाराणसी, प्रयागराज व अन्य स्थानों पर आंदोलन के कारण बिजली कर्मियों पर किए गए एफआईआर तत्काल वापस ली जाये एव सभी संवर्गों की वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए और पूर्व की भाँति सभी संवर्गों को तीन पदोन्नति पद के समयबद्ध वेतनमान दिए जाएं। जिला सह संयोजक शिवम राय ने बताया कि निजीकरण निजी राछस रूपी को ध्वस्त करने का मन विजली कर्मचारी बना लिए है एव पुरानी पेंशन बहाली चाहे जैसे हो सरकार जल्द से जल्द लागू करे एव राज्य विद्युत परिषद का गठन जल्द से जल्द हो क्योकि आज पावर कारपोरेशन एक लाख करोड़ के घाटे में चल रहा है वही वतर्मान सरकार को भी कटघरे में खड़ा किये पिछले शासन काल मे वेतन विशंगति के मामले में कमेटी गठित हुई थी जिसमे कॉर्पोरेक्शन के चेयरमैन एम देवराज की गद्दारी के वजह से अभी तक वेतन विशंगति कर्मचारियों का दूर नही हुवा जो बहुत ही दुर्भाग्य है।धरने में मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता चंद्रपाल सिंह,आदित्य पांडेय,महेंद्र मिश्रा,आशीष चौहान सहायक अभियंता शेखर सिंह,मिठाईलाल, सत्यम त्रिपाठी अवर अभियंता मोहन राम, प्रेमचंद,मनोज पटेल,संतोष चौधरी जिला संरक्षक विद्युत मजदूर पंचायत शिवदर्शन सिंह, जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा,जिला मंत्री विजयशंकर राय,अश्विनी सिंह,जेपी बाबू,प्रवीण सिंह,भानु सिंह, पीताम्बर कुशवाहा,राजेश कश्यप, जितेंद सिंह,एकराम सिद्दकी, प्रवीण पांडेय,सुधीर सिंह,अनमोल मिश्रा,अरविंद श्रीवास्तव,बृजेश कुमार,सुनील बाबू,धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अरविंद राम,विनय तिवारी,शशिकांत कुशवाहा, अनीश अहमद सहित डिस्कनेक्शन गैंग, समस्त मीटर रीडर, संविदा कर्मी आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।