पशुसेवा केन्द्र बदहाल,सुविधाओं का अभाव विभागीय अधिकारियों की उदासीनता

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मरदह गाजीपुर।पशु सेवा केन्द्र बदहाल सुविधाओं का अभाव विभागीय अधिकारियों के उदासीनता के कारण बंद। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही है। चिकित्सा सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए पशु अस्पताल एवं पशु सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई है लेकिन सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय विकासखंड सिंगेरा गांव के राजभर बस्ती स्थित पशु सेवा केन्द्र जो इस समय अराजक तत्वों का अड्डा बनने के साथ ही बस्ती के लोग कब्जा जमाएं हुए हैं।मालूम हो कि पशुपालकों की सुविधा के लिए सन् 1971 में स्थापित कर संचालित किया जा रहा था जिससे पूरे क्षेत्र के करीब एक दर्जन गाँवों के पशुपालकों को सुविधा उपलब्ध होती थी लेकिन आज करीब पांच वर्षों से बन्द होने के कारण ग्रामीणों के उपला रखने का सुरक्षित स्थान बन गया है और सिंगेरा, इंदौर, तेजपुरा, डोड़सर, कोदई, बेलसङी, खजूरगांव, गेहुङी, मङही सहित करीब एक दर्जन गाँवों के पशुपालकों को पशु चिकित्सीय सुविधा मयस्सर नहीं हो पा रही ग्रामीण ग्राम प्रधान करन चौहान,जयशंकर पाण्डेय, रामबली सिंह,शर्माजीत राम, रामबली यादव,राजनाथ सिंह,पूर्व प्रमुख विजय बहादुर सिंह,बलवीर सिंह मुन्ना,राजनाथ यादव,अनील यादव,ने बताया कि थक-हार करीब दस किलो मीटर मरदह पशु अस्पताल या कासीमाबाद पशु अस्पताल जाने को विवश हैं अन्यथा प्राईवेट चिकित्सक से सैकड़ो रूपये देकर पशुओं का ईलाज कराने पर मजबूर है इस सम्बन्ध में पशु चिकित्साधिकारी चन्द्रकांत सिंह ने बताया कि पशु सेवा केन्द्र पर तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी सेवानिवृत्त हो जाने के कारण पशु सेवा केन्द्र बंद पङा है।