पहले मतदान फिर जलपान सुयोग्य प्रत्याशी चुने: रजनीकांत          

135

प्रयागराज।हिंदुस्तान युवा उत्थान समिति के अध्यक्ष रजनीकांत मतदाता जागरूकता मतदाता पर्ची अभियान को गति देते हुए घर घर जाकर के मतदान अवश्य करें मतदान हम सबका अधिकार है 5 साल में हमें मत देने का मौका मिलता है और अपने विचारधारा सुयोग्य प्रत्याशी का चयन हम एक वोट देकर कर सकते हैं जिस प्रकार से हम अपनी बेटी और बहन के लिए सुयोग्य वर का चयन करते हैं एक वोट का महत्व समझाते हुए रजनीकांत ने कहा कि विश्व व भारत के इतिहास में 1 वोट से इतिहास को रचा है 1— सन 1776 में अमेरिका में 1 वोट ज्यादा मिलने से जर्मन भाषा के स्थान पर अंग्रेजी भाषा बनी 2– 18 75 में फ्रांस में मात्र 1 वोट से राजतंत्र के स्थान पर गणतंत्र हुआ देश. 3– 1917 में सरदार पटेल अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन का चुनाव मात्र 1 वोट से हार गए 4– 1930 में एक वोट ज्यादा मिलने से हिटलर नाजी पार्टी का प्रमुख बना और हिटलर युग की शुरुआत हुई 5— सन 1998 में भारत के लोकतंत्र में सबसे बड़ी घटना हुई देश के सबसे बड़े लोकतंत्र संसद में बाजपेई सरकार एक वोट से गिर गई 6— 2008 राजस्थान नाथद्वारा सीट से सीपी जोशी 1 वोट से चुनाव हार गए उनके ड्राइवर को वोट देने का समय नहीं मिला एक वोट का इतना महत्व है उसी प्रकार हमें प्रत्याशियों का भी चयन करना चाहिए घर-घर मतदाता जागरूकता अभियान मतदाता पर्ची के दौरान लोगों ने अपनी समस्या से भी अवगत कराया कहा कि निर्वाचन आयोग को चाहिए कि टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए आधार कार्ड की अनिवार्यता करके वोटरों की सूची बनाए जिससे बार-बार आने वाली विसंगतियां दूर की जा सके मतदाता का नाम भी ना काट पाए आधार कार्ड होते हुए पिछली बार मत देने के बावजूद भी इस वर्ष मतदान सूची में नाम ना होने से संपर्क के दौरान नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त किया है और कहा कि मतदाता सूची एक होनी चाहिए आधार आधारित जिससे कोई समस्या नहीं होगी निर्वाचन आयोग का ध्यान आकर्षित करते हुए रजनीकांत ने कहा कि जिस प्रकार से निर्वाचन आयोग आचार संहिता का पालन कराने के लिए कटिबद्ध रहती है ठीक उसी प्रकार आचार संहिता लागू होने पर कोई भी दल जनप्रतिनिधि एक दूसरे के दल मैं ना जाए यह भी चुनाव को प्रभावित करने प्रलोभन में आता है आचार संहिता लागू होने से पूर्व एक दूसरे के दल में जाएं जनप्रतिनिधि निर्वाचन आयोग को नियम बनाकर, वोटिंग भी अनिवार्य कर देना चाहिए, हर आदमी के लिए जिसका वोटर लिस्ट में नाम हो ,अगर कोई बीमार हो या कोई भी दिक्कत हो तो, उसे लिखित रूप से निर्वाचन आयोग कार्यालय में परमिशन ले कि हम वोट नहीं डाल रहे हैं, और अगर यह सूचना झूठी दी जाए,तो उसे सजा देने का प्रावधान करना चाहिए, तभी लोकतंत्र का चुनाव सही तरह से माना जाएगा, क्योंकि लोग चुनाव में वोट डालने ही नहीं निकलते हैं, 45 परसेंट 50 परसेंट की वोटिंग, होती है , जिसके कारण जो अयोग्य कैंडिडेट होता है वह चुनाव जीत जाता है, और वह सभी वोटरों की पसंद नहीं होता है, क्योंकि उसमें से 50 परसेंट लोग वोट ही डालने नहीं जाते, मतदाता जागरूकता पर लाखों रुपए करदाता का खर्च होता है इसे रोकने के लिए निर्वाचन आयोग को पहल करनी चाहिए वह घर में पिकनिक मनाते हैं और छुट्टी का दिन समझ के परिवारों के साथ ही बिताते हैं, जब तक निर्वाचन आयोग कोई नियम बनाकर सकती नहीं करेगा, तो लोग इसी तरह से छुट्टी का दिन समझेंगे चुनाव के दिन को, हमारी और कई लोगों की यही मांग है, कि निर्वाचन आयोग को वोट डालना अनिवार्य कर देना चाहिए, जो वोट ना डालें , उनको कुछ सरकारी सुविधाओं में रोक लगाना चाहिए, वोट नहीं डालने से अगर voter को नुकसान नहीं होगा, तो वह आराम से घर पर ही बैठे रहेंगे, और पिकनिक मनाएंगे उस दिन, निर्वाचन आयोग को ईमानदारी से अगर चुनाव कराना है , या फिर सच में लोकतंत्र है इस देश में तो, कुछ सख्त नियम बनाना चाहिए वोटरों के लिए, क्योंकि वोटर वोट डालने नहीं जाते हैं, जिससे गलत कैंडिडेट चुनाव जीत जाते हैं, लोकतंत्र में अगर 80 परसेंट की वोटिंग नहीं हो रही है, तो इसका मतलब उन्हें लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है, या फिर लोकतंत्र को मजाक समझ रहे हैं voter, निर्वाचन आयोग को कुछ सख्त नियम बनाने ही पड़ेगा, जैसे बाकी के लिए नियम बन रहे हैं, उसी तरह से वोटरों के लिए भी कुछ सख्त नियम जरूरी है, जो चुनाव में वोट डालने नहीं जाए, उसकी कुछ सरकारी सुविधाओं पर रोक लगानी चाहिए तभी वह वोट डालने जाएंगे।, क्या सोचते हैं आप लोग, हम लोगों को इसके लिए भी आवाज उठानी चाहिए। निर्वाचन आयोग पहल करेंसमिति के स्वयंसेवक को द्वारा जागरूकता में सहयोग देने वाले प्रमुख रूप से विपुल कुमार अनूप कुमार रिद्धि कुमारी तृप्ति केसरवानी श्रीमती अनुपमा श्रीमती मोनिका श्रीवास्तव यथार्थ कुमार पार्थ श्रीवास्तव संदीप केसरवानी रवि शर्मा अवनीश कुमार एडवोकेट सोनू कुमार आदि सहयोग दे रहे हैं।