पोखरी की जमीन में बन रहा सरकारी विद्यालय,मामला पहुंचा हाईकोर्ट 

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मरदह गाजीपुर।विकास खंड के रायपुर बाघपुर ग्राम पंचायत में शिव मंदिर पोखरे की जमीन पर बन रहा सरकारी विद्यालय का निर्माण रोकने के लिए गांव एक व्यक्ति ने लगाई माननीय उच्च न्यायालय हाईकोर्ट इलाहाबाद से न्याय की गुहार।मालूम हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर के अगल-बगल की ग्राम समाज की जमीन का अपनी पैतृक संपत्ति की तरह उपयोग कर रहे गांव वालों को कब्जा छोड़ना।तालाब,खलिहान व सार्वजनिक उपयोग की अन्य जमीन पर भी कब्जेदारी का स्थायी मोह छोड़ना केंद्र के सहयोग से शुरू हो चुकी स्वामित्व योजना में ग्रामीण आबादी के अंतर्गत सरकारी व निजी परिसंपत्तियों को अलग-अलग चिह्नांकित कर डिजिटल अभिलेख तैयार किया जा रहा।वहीं दूसरी ओर हर गांव में जल संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाब,पोखरी,का निर्माण जोर शोर से चल रहा है।लेकिन उसके बावजूद भी ग्राम पंचायत रायपुर बाघपुर में इन सभी आदेशों की अवहेलना करते हुए शिवमंदिर पोखरा रकबा नंबर 645 , 1 बिग्हा 11 विश्वा 15 धुर जमीन जो राजस्व अभिलेख में पोखरा के रूप में दर्ज है।पोखरी के कायाकल्प व उसे जीवंत रखने के लिए गांव के बबलू यादव ने थाना दिवस,तहसील दिवस,एसडीएम, जिलाधिकारी,मुख्यमंत्री तक पत्र के माध्यम से गुहार लगाई परन्तु कोई सुनवाई नहीं होने के उपरान्त

माननीय उच्च न्यायालय हाईकोर्ट इलाहाबाद से न्याय की गुहार।बबलू यादव ने बताया कि गांव में तमाम लोग घर के बगल के ग्राम समाज,खलिहान,सड़क, तालाब,नाले व सार्वजनिक उपयोग की अन्य जमीन को अपनी निजी संपत्ति की तरह उपयोग कर रहे हैं। दशकों पुराने तालाबों को पाटकर सरकारी स्कूल बनाना न्याय संगत नहीं है इस लिए हम न्यायालय में रिट दाखिल किया हूं जल्द ही सुनवाई की तारीख सुनिश्चित हुई और हमें न्याय की उम्मीद दिख रही।