बड़े दिनों से लगी थी लालसा दर्शन पाने की पाके दरस हम पा गए खुशी सारे जमाने की

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मनिहारी गाजीपुर।क्षेत्र के सिखड़ी स्थित पंडित मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज में 46 स्थापना दिवस मनाया गया। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ने विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती,महामना तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।ततपश्चात विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत कर उनका स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह,पूर्व मंत्री विजय मिश्रा,भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह,पूर्व जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह,कुंवर रमेश सिंह पप्पू मौजूद रहे।विद्यालय की छात्रा ने अंग्रेजी तथा छात्र ने पंडित मदन मोहन मालवीय जी का जीवन परिचय अंग्रेजी में दिया।तत्पश्चात विद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य पारस राय ने मुख्य अतिथियों का परिचय कराया। पारस नाथ राय ने कहा कि आज देश का बच्चा-बच्चा मुख्य अतिथि महामहिम मनोज सिन्हा को जान गया है।बड़े दिनों से लगी थी लालसा दर्शन पाने की पाके दरस हम पा गए खुशी सारे जमाने की।विद्यालय की ही कक्षा 12 की छात्रा अमिता कुमारी तथा शबरी महाविद्यालय की बीटीसी के छात्र नेहा यादव तथा प्रमोद यादव ने मुख्यातिथि को उनका चित्र बनाकर भेंट किया। मुख्य अतिथि द्वारा क्षेत्र के 10 सेवानिवृत्त शिक्षकों को अंगवस्त्रम एवं मालवीय जी का चित्र देखकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन की शुरुआत महामना पंडित मदन मोहन मालवीय तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्म पर उन्हें कोटि-कोटि नमन कर किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों के जन्म काल में 63 वर्ष का अंतर रहा दोनों 20वीं सदी का वह दौर देखा जब भारत की आत्मा आजादी के लिए तड़प रही थी। दोनों महापुरुषों में स्वदेशी लागू करने की अभिलाषा थी। उन्होंने कहा कि हर साल दिसंबर माह में उन्हें सिखड़ी आने का इंतजार रहता है तथा इस देश के भविष्य निर्माता बच्चों से रूबरू होता हूं। उन्होंने कहा कि गाजीपुर मेरा आत्म बल है मिट्टी का कण कण मेरा साहस है। महामना ने कहा था की भगवत भक्त वह होते हैं जो अपने समस्त कार्यों को भगवान को अर्पित कर देते हैं। सच्चे देश भक्त वह होते हैं जो सब कुछ करते हुए देश की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्होंने महामना के दो मूल मंत्र बताते हुए कहा कि की सच्चे आचरण से ईश्वर भक्ति करें तथा समर्पण भाव से राष्ट्र सेवा करें। उसे दौर में महामना ने समाजसेवी समाज की कल्पना करते हुए कहा था कि मतभेद जाति भेद को मतकर राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहे उन्होंने पूरे राष्ट्र को या संदेश दिया था मुख्य अतिथि ने कहा कि सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा आदर्श है वर्तमान की सरकार उनके सपने को पूरा करने का प्रयास सरकार कर रही है उन्होंने कहा कि एक लाख के लगभग स्टार्टअप योजना से भारत दुनिया के तीसरी बड़ी शक्ति बनने को तैयार है तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर भी देश के राजनीति में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के पहले जम्मू कश्मीर की आधी आबादी मौलिक अधिकारों से वंचित होती थी। महामना के मूल्यों को अपना जीवन आदर्श बनाकर उनके सपनों को आत्मसात करें। आधुनिक औद्योगिक विकास महामना ने दिया था।भारत विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था है 2047 तक देश के 100 साल पूरे होने पर देश को विकसित राष्ट्र की तरफ परिवर्तित कर देना है। उन्होंने विकसित भारत की योजना में विद्यालय के छात्र-छात्राओं से सलाह एवं सुझाव देने को कहा बताया कि बच्चों द्वारा सुझाव देने पर उस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना मां वैष्णो देवी से की ।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानपरिषद सदस्य केदारनाथ सिंह एवं संचालन गौरीशंकर पांडेय सरस ने किया।विद्यालय के प्रधानाचार्य डा.नीरज राय ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगस्वत्र देकर सम्मानित किया।