बेजान मूर्तिओं को गढ़ गढ़ कर उसमें जान डाल रहे कलाकार 

156

मरदह गाजीपुर।ब्लाक के विभिन्न गांवों में आगामी पांच फरवरी के दिन पड़ने वाले सरस्वती पूजा के मद्देनजर तैयारी जोरशोर से चल रही है।मरदह बाजार के तपेश्वरी नगर स्थित स्थान पर करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के असावर गांव से आकर एक मूर्तिकार का परिवार विगत तीन वर्षो से देवी देवताओं की प्रतिमा बनाने है।इस वर्ष मां सरस्वती की प्रतिमा को मूर्त रूप में अपनी भूमिका निर्वहन कर रहा है।जिससे यह प्रतीत हो रहा है कलाकार बेजान मूर्तिओं को गढ़ गढ़ कर उसमें जान डालने का प्रयास निरंतर कर रहे है।बातचीत के दौरान मूर्तिकार जयनाथ राजभर,अभिनंदन राजभर,तेज बहादुर राजभर ने बताया कि कोरोना काल के दौरान मूर्ति कलाकारों के सामने व्यवसाय व आमदमी की विकट समस्या उत्पन्न हो गयी है।इस वर्ष सिर्फ लगभग दो दर्जन मूर्ति बनाने का आर्डर मिला हुआ है।जिसे तैयार करने में जुटे हुए हैं।पहले की अपेक्षा कोरोना काल में मूर्तियों का दाम गिर गया है।इस समय तीन हजार से लेकर मात्र आठ हजार रुपये की प्रतिमा सिर्फ आर्डर पर बनाई जा रही।कोरोना काल के पूर्व सैकड़ों की संख्या में प्रतिमा बनाई गई और अच्छे कीमत के साथ व्यवसाय व परिवार के जीविकोपार्जन का साधन था।परन्तु इस समय किसी तरह लागत निकल जाए वहीं ठीक होगा।बीते दीपावली पर्व के दौरान लक्ष्मी प्रतिमाओं की लागत भी सही से नहीं निकल पाई।