भूसा की कीमत बेलगाम,पशु पालक परेशान

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पशुपालकों के आगे पशुओं की देखरेख की चिंता

गाजीपुर।भूसे की कीमतों में आई तेजी से पशुपालक परेशान हैं।भूसा 1200 से 1400 रुपये क्विटल बिक रहा है।भूसे के बाद सुखे चारे के रूप में सीजन में खेतों में जलने वाली पराली भी 600 से 700 रुपये क्विटल बिक रही है।इससे पशुपालकों के सामने महंगे चारे से पशुओं का पेट भर रहे हैं।जबकि दूध के दाम जस के तस रहने से पशुपालक चितित हैं।सीजन में भूसा 400 रुपये क्विटल तक बिका था लेकिन अब भाव आसमान छू रहा है।भूसा के बढ़े दाम के कारण पशुपालकों के आगे पशुओं का पेट भरना चुनौती बन गया है,क्योंकि चारे के दाम तो कई गुना बढ़ गए हैं, लेकिन दूध के दाम आज भी। 40 से 50 रुपये लीटर तक ही बिक जस का तस है।किसान संदीप सिंह नोनरा गांव का कहना है कि भूसे के दाम बढ़ने का मुख्य कारण गेहूं के सीजन में पंचायत चुनाव होने से लेबर का न मिलना सबसे अधिक रहा है।इससे गेहूं की फसल को कंबाइन मशीन से काटा गया था तथा कुछ किसानों ने बचे अवशेषों को भी खेतों में ही जला दिया था।कुछ ने फसल अवशेषों का भूसा भी बनवाया मगर वह बेहद कम बनता है।किसान अमरजीत सिंह चंवर गाँव का कहना है कि खेतों में खड़े हरे चारे व फसल आदि को बेसहारा घूम रहे गोवंश चट्ट कर दे रहे हैं।इसके चलते बहुत से किसान मजबूरी में गन्ने के हरे गोले काटकर अपने मवेशियों को खिला रहे हैं।पशुओं को लगातार भूसा खिलाए जाने पर इसका दुम्रभाव दूध उत्पादन पर भी।