मरदह ब्लाक के 63 गांवों के सफाई कर्मी बेलगाम,नही हो रही सफाई

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मरदह गाजीपुर।स्थानीय विकास खण्ड के अंतर्गत 63 ग्राम सभाओं में नियुक्त है 186 सफाई कर्मी।परन्तु सफाई व्यवस्था राम भरोसे यह हाल है की विकास खण्ड मरदह के 63 ग्राम पंचायतों का जहॉ सफाई के नाम पर किसी भी ग्राम सभा का भ्रमण कर देखा जा सकता है।चारों तरफ गंदगी का अंबार व बजबजा रही नालिया,नाली सफाई के जगह पूरे जिले में सैकड़ो सफाई कर्मचारी किसी ना किसी आफिस से अटैच होकर चांदी काट रहे हैं।ब्लाक मुख्यालय स्थित ग्राम सभा मरदह का ही भ्रमण कर पूरे विकास खण्ड के गांवों का आकलन किया जा सकता है।जब मुख्यालय स्थित गाँव की नालियों का पानी खड़ंजा तथा मुख्य मार्ग पर बह रहा,चारों तरफ नालियां बजबजा रही, सार्वजनिक जगहों पर गंदगी का साम्राज्य देखा जा है,तो और गाँवो की क्या हालात होगी,सहज इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता हैं।विकास खण्ड के नागरिकों के अनुसार गाँवो में नियुक्ति सफाई कर्मी कब आते है कब जाते है यह किसी को पता नही है कहने को 63 गाँवो की सफाई व्यवस्था हेतू 186 सफाई कर्मियों को नियुक्त किया गया है।सफाई कर्मियों के ट्रांसफर व पोस्टिंग में भी खेल किया जाता है।और यह कर्मी अपने आकाओं के बल पर शासन की मंशा के विपरीत कार्य कर वेतन का लाभ ले रहे हैं।नियुक्त सफाई कर्मियों पर शासन द्वारा लाखों रुपया वेतन के रूप में भुगतान किया जाता है परंतु कार्य कहां होता है कोई देखने वाला भी नहीं है।हाँ इतना अवश्य होता है कि जब प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी का भ्रमण या कार्यक्रम लगता है तो यही के पचास की संख्या में मात्र सफाईकर्मी ड्रेस कोड में चाक चौबंद 63 गावों कार्य करते देखें जा सकते हैं।बाकी तो सिर्फ पेरोल जमा कर वेतन डकारते हैं।जिसकी खबर ब्लाक मुख्यालय से लेकर जिला स्तर के सभी अधिकारी जानते हैं।कुछ बड़े घराने से तालुका रखते हुए पहुंच वाले हैं।कुछ संगठन सहित विभाग को हर माह मोटी रकम देकर गप्पे लड़ाते हुए नजर आते हैं।और पीसे जाते हैं हमेशा सिर्फ पचास ही।शासन के मंशा के अनुरूप जिस कार्य के लिए नियुक्त औऱ कार्य करने के लिए वेतन दिया जा रहा है।वह कहीं धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है।अब सवाल यह है कि जब इन सफाई कर्मियों की नियुक्ति के पहले जैसे गाँवो की सफाई व्यवस्था थी।वैसे अभी भी देखने को मिल रहा है।