मातृभाषा हमारी शक्ति है – डा.गिरिजेश यादव(आबकारी इंस्पेक्टर)

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रामपुर: आबकारी इंस्पेक्टर एवं रूलर डेवलपमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन संस्था के संरक्षक डॉक्टर गिरिजेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी।और कहा कि दुनिया भर में भाषाई, बहुभाषी और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के लिए हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। यह दिन स्वीकार करता है कि भाषाएं और बहुभाषावाद दो शक्तिशाली उपकरण हैं जो दुनिया भर में सामाजिक समावेश और समान विकास को बढ़ावा दे सकते हैं। यह दिन लोगों को जागरूक करने के लिए भी मनाया जाता है कि कैसे सांस्कृतिक विविधता और अंतर सांस्कृतिक संवाद सहयोग को मजबूत कर सकते हैं और सभी के लिए एक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की अनूठी पहल बांग्लादेश द्वारा की गई थी। आज दुनिया में लगभग 6,500 भाषाएं हैं। लुप्तप्राय भाषा परियोजना के अनुसार, दुनिया की 40 फीसदी से अधिक भाषाओं को विलुप्त होने का खतरा है।डा.यादव ने बताया कि इस वर्ष 2022 में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का विषय है,बहुभाषी शिक्षा में टेक्नोलॉजी का प्रयोग: चुनौतियां और अवसर। हमारे जैसे भाषाई विविधता वाले देश के लिए तो यह विशेष प्रासंगिक है।भारत में 234 पहचान योग्य मातृभाषाएं, 121 भाषाएं और लगभग 22 आधिकारिक भाषाएं हैं। सिंधी,कोंकणी, नेपाली, मणिपुरी,मैथिली, डोगरी, बोडो और संथाली ऐसी भाषाएँ हैं जिन्हें संविधान में संशोधन के बाद संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया था। पहले 14 भाषाएँ थीं जिन्हें शुरू में संविधान में शामिल किया गया था। अपने शुभकामना संदेश में डा यादव ने कहा कि- हिन्दी है भारत की आशा,हिन्दी है भारत की भाषा, अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं