रिलायंस फ़ाउंडेशन के सहयोग से किसान बन रहे आत्मनिर्भर

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मेरा नाम मृत्युंजय पाण्डेय है और मै ग्राम शेखनपुर, ब्लॉक कासिमाबाद, जिला गाजीपुर का मुल निवासी हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है मै युवा एवं प्रगतिशील किसान हूँ| मै रिलायंस फ़ाउंडेशन के बिभिन्न तकनीकी सेवाओं से पिछले तीन सालों से जुड़ा हूँ और समय समय पर अपनी खेत और पशुपालन से संबन्धित समस्याओं का समाधान लेते हुए अपने आमदनी मे वृद्धि कर रहा हूँ| पिछले साल खरीफ 2021 में अपनी 4 एकड़ खेत में में धान की फसल की खेती की थी और रोपाई के बाद फसल में घास ज्यादा मात्रा में हो गयी थी जिससे मुझे उत्पादन कम होने की आशंका थी इसी बीच मुझे रिलायंस फाउंडेशन द्वारा किसानों के लिए आयोजित किए जा रहे डायल आउट कार्यक्रम के माध्यम से दिनांक 14/8/21 को जुड़ा। इस समस्या को मैंने रिलायंस फाउंडेशन के कार्यक्रम में 14-08-2021 को कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर गज़ीपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ जे पी सिंह के समक्ष धान के फसल में घास की समस्या को पूछा और उन्होने हमे अपने खेत मे निराई गुड़ाई करने को कहा था क्योंकि धान की फसल दो महीने से ज्यादा की हो गयी थी जिससे उन्होने किसी भी रसायनिक खर पतवार नाशी के उपयोग न करने की सलाह दी क्योकि एक महीने के बाद खरपतवारनाशी के प्रयोग से कोई फायदा नहीं होता है| उनके बताए हुए सलाह से मुझे और मैंने वैसा ही किया जिससे मुझे खरपतवारनाशी के रूप में लगभग 4000/-रुपए कि बचत हुई | हमारे घर के सदस्यों के द्वारा निराई करने के फलस्वरूप मेरी धान की फसल में घास की समस्या समाप्त हो गई| पिछले साल चार एकड़ खेत में प्रति एकड़ 10 क्विंटल के हिसाब से 40 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ था जबकि 2021 खरीफ में प्रति एकड़ 12 क्विंटल के हिसाब से 48 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ इस तरह से चार एकड़ खेत में कुल 48 क्विंटल धान का उत्पादन पिछले साल की तुलना मे अत्यधिक हुआ जिससे 14400/-रुपए की अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हुई|

हम रिलायंस फ़ाउंडेशन को बहुत बहुत धन्यवाद देते हैं जो कृषि के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान देते हुए किसानों की आमदनी बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहा है|