रैन बसेरा बना जल निगम की पानी टंकी,आपरेटर रहता फरार

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देख-रेख के अभाव में खँडहर में तब्दील 

मरदह गाजीपुर।भष्टाचार का बोलबाला जल निगम विभाग बना मूकदर्शक।टंकी पर आपरेटर नहीं आता,अपने जगह दूसरे को किया तैनात,उपभोक्ताओं को जलापूर्ति सही रूप से नहीं हो रही।ब्लाक के गोविन्दपुर कीरत गांव सहित आसपास के गांवों में जल निगम की टंकी से पानी की आपूर्ति मनमाने तरीके से किया जा रहा।जिससे गांव के लोगों में रोष व्याप्त है।गोविन्दपुर कीरत गांव में तीस वर्षों पूर्व लाखों रुपए की लागत से बनी पानी की टंकी बेमतलब साबित हो रही है।इस जल निगम की टंकी से क्षेत्र के मलिकनाथपुर,बरही, हालपुर,हरहरी,बदलियां,दुर्खुर्शी,पलहीपुर,मठिया, सक्कापुर सहित एक दर्जन गांव में पानी की आपूर्ति होती थी।लेकिन कर्मचारियों के उदासीनता के कारण सभी गांवों की आपूर्ति वर्षो पहले बंद कर दिया गया।

मात्र 42 कनेक्शन बचें हुए हैं वह भी भगवान भरोसे चल रहे।जिससे एक तरफ जहां विभाग के आय की क्षति हो रही वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओ का शोषण किया जा रहा।स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां दो आपरेटर तैनात रहने के बाद भी टंकी पर ताला लटकता रहता है।जिससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है जिससे लोगों को पीने योग्य पानी नहीं मिल पा रहा है।ऐसे में लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।स्थानीय गांव के श्रीमति देवी,मनीष कुमार,गोलू कुमार,प्रशांत कुमार,सत्यम चौबे, निजामुद्दीन अहमद ने बताया कि तैनात आपरेटर लल्लन राम की प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम छः बजे तक ड्यूटी है परन्तु वह टंकी पर नहीं आते हैं लेकिन अपने जगह पर गांव के ही कतवारू चौबे को तैनात करके ड्यूटी कराते है जिससे इनका पूरा परिवार जल निगम पानी टंकी पर काबिज हैं।नये लोगों को कनेक्शन नहीं मिल रहा,वहीं दूसरी ओर जल निगम पानी टंकी पर अराजकतत्वों का केन्द्र बना हुआ है।गांव के लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की कि जलनिगम पर आपरेटर के कार्यशैली की जांच करके विधिक कार्रवाई की जाए जिससे पानी की आपूर्ति हो सके।लोगों ने चेतावनी दी है कि जल निगम टंकी पर जल्द से जल्द आपरेटर पर कारवाई नहीं हुई तो लोग सड़क पर उतरने पर मजबूर होंगे।