लटक रहे ताले-टहल रहे बच्चे  परिषदीय विद्यालय की दशा बदहाल

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मरदह गाजीपुर।शिक्षा क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार नाम की कोई झलक भी देखने को नहीं मिल रही,चाहे लाख कोशिशें,कवायदे कर लें सरकार व संबधित विभाग,उसके बाद भी ब्लाक के शिक्षा में कहीं कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा हैं।शासन के दिशा निर्देशों पर मिट्टी पलीता लगाते हुए उच्चधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।अब हम बात करते हैं विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों की बेसिक शिक्षा अधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण,निलंबन के बाद भी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक अपने करतूतों से बाज नहीं आ रहे।वित्तीय वर्ष 2022-23 के सत्र शुक्रवार को शुरू हुए।पहले दिन तनिक भी असर होता नही दिखा।शिक्षकों ने तू डाल डाल तो मैं पात पात कि कहावत को चरितार्थ करने का काम किया है।शुक्रवार को जब टीम सुबह प्राथमिक विद्यालय खजूरगांव 8.20 बजे पहुँची तो तैनात सभी अध्यापक अनुपस्थित रहे।प्राथमिक विद्यालय पर ताला लटक रहा था और बच्चे टहल रहे थे।तैनात प्रधानाध्यापक,दो सहायिका अध्यापिका,एक सहायिका शिक्षामित्र गायब रहे।बच्चे प्रधानाध्यापक व अध्यापक के आने का इंतजार करते परिसर में चहलकदमी करते रहे लेकिन देर तक कोई अध्यापक नहीं आया।अगल-बगल व गांव के लोगों ने बताया की विद्यालय पर तैनात सभी शिक्षक कभी भी समय से विद्यालय नहीं पहुचतें और तो और इनके रसूखदारी के चलते इनके उपर कभी कोई कारवाई नहीं होती,कुछ अभिभावक ने बताया कि विभाग द्वारा चेंकिग की जाती है परन्तु कोई कारवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है।प्राथमिक विद्यालय खजूरगांव मठिया पर 8.30 बजे प्रधानाध्यापक अमरजीत राजभर व तीन बच्चे मौजूद रहे परन्तु सहायक अध्यापक अनुपस्थित रहे।वहीं दूसरी ओर पूरा विद्यालय खंडहर में तबदील नजर आया एक तरफ जहां कायाकल्प की रोशनी नहीं पहुँची वहीं दूसरी ओर कम्पोजिट ग्रांट की भी अनदेखी नजर आई।विद्यालय का वर्षो से रंगाई पुताई नहीं हुई ऐसा प्रतित हो रहा है की विद्यालय का रख रखाव कागज के पन्नों तक सीमित है।इस सबंध में खंड शिक्षा अधिकारी डा.कल्पना ने बताया कि मामला गंभीर हैं जांच करके विधिक कार्यवाही की जाएगी।