विशालकाय कलश व शोभायात्रा निकालकर महायज्ञ की शुरुआत 

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कड़ी धूप भी आस्थावान भक्तों के नंगे पैरों को नहीं डिगा सकी

घुड़सवार संग दो दर्जन झांकियां ने सबको “मोहा”

गायत्री मंत्र,जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा

 

 

गाजीपुर।अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में वृहस्पतिवार को विशालकाय कलश व शोभायात्रा निकाली गई,कड़ी धूप भी आस्थावान भक्तों के नंगे पैरों को नहीं रोक सकी,घुड़सवार संग दो दर्जन झांकियां,तथा भारतीय परिधान धोती-कुर्ता व साड़ी के बीच गायत्री मंत्र,जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।मरदह ब्लाक के जनता इण्टर कॉलेज, नारंगपुर – रानीपुर (खेल का मैदान) में शुरू हुए 51 कुण्डीय राष्ट्र जागरण गायत्री महायज्ञ व प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठी एवं विराट युवा उत्कर्ष महोत्सव के पहले दिन परिसर से विधि विधान पूर्वक मंत्रोच्चार के द्वारा विराट कलशयात्रा व सद् गुरु ज्ञान गंगा सद् ग्रंथ के रूप में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई,राणा प्रताप,शिवाजी,स्वामी विवेकानंद, गायत्री माता,भारत माता,राम सीता लक्ष्मण हनुमान जी, शंकर व पार्वती जी, कृष्ण-राधा, रुक्मणी,सती माता,धर्म ध्वज वाहक,राष्ट्र ध्वज वाहक के रूप में विभिन्न झांकियों का शोभायात्रा निकाली गई।यात्रा यज्ञ स्थल से चलकर गली मुहल्ले से होते हुए काली माता मंदिर,सती माता स्थान,डीह बाबा स्थान के साथ ही गांव के सभी देवी-देवताओं के स्थानों से गुजरते हुए पुनः यज्ञ स्थल पहुंची जहां गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ आरती पूजन उपरांत कलश को यज्ञशाला में स्थापित किया गया। ‘दिव्य कलश यात्रा’ में क्षेत्र की हजारों की संख्या में शक्ति स्वरूपा माताएँ,बहनें व देवतुल्य नागरिक, विद्वानगण,धर्म प्रेमी व श्रद्धालुओं की बढ़ चढ़ कर भागीदारी रही।विश्व ब्रह्माण्ड का प्रतीक ‘दिव्य कलश’ को माथे पर लेकर बाजे गाजे के साथ जब यात्रा निकली तो इसकी शोभा देखते बन रही थी जिधर से कलश-यात्रा व शोभायात्रा निकलती लोग फूलों की वर्षा करते नजर जा रहे थे और हर्षोल्लास के साथ उनकी जय जयकार से पूरा वातावरण देवमय हो जा रहा था ऐसा लगता मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो और हर तरफ चलते फिरते देवता नजर आ रहे हों .. इसकी अलौकिकता को देखते हुए यही लोग कहते देखे गए की यह प्रज्ञावतार रूपी महाकाल की ही योजना है और उनकी इच्छानुसार चरितार्थ होती नजर आ रही है हम सब तो निमित्त मात्र हैं।शान्तिकुंज हरिद्वार से प्रतिनिधि के रूप में देवतुल्य विद्वानों की टोली यज्ञ स्थल पर पहुँच चुकी थी।गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से एक सुसंस्कार सम्पन्न व्यक्ति, परिवार एवं समाज की रचना का सार्थक प्रयास किया जाना है,तथा अंधविश्वास, मूढ़ मान्यताओं से रहित,तर्क,तथ्य एवं प्रमाण पर आधारित यथार्थ की प्रस्तुति से अवगत कराना है, आगे कहा कि गायत्री उपासना से जीव मुक्ति प्राप्त कर सकता है। मां गायत्री अखिल ब्रह्मांड की नायक है तथा गायत्री मंत्र के जाप से पापों का नाश होता है।गायत्री मंत्र के जाप से कोई व्यक्ति अपनी कुडंली जाग्रत कर सकता है।कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला समन्वयक लौहर सिंह यादव,साधक रामकिशोर राय,रवींद्र शास्त्री,ब्लाक प्रमुख सीता सिंह, प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार सिंह मंटू,पूर्व प्रमुख रेवतीपुर व ग्राम प्रधान मुकेश राय,प्रधान माया सिंह, प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार सिंह चमचम, प्रधान विरेन्द्र यादव,पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिव प्रसन्न यादव,दीनानाथ शर्मा,ओपी सिंह,सदाशिव शर्मा, गुलाब बागी, प्रधानाचार्य डॉ परशुराम राय,प्रबंधक अशोक कुमार सिंह,ओपी पाण्डेय,हीरा सिंह,अभिजीत मुखर्जी,प्रमोद कुमार,दिनेश शर्मा, सच्चिदानंद सिंह,की भूमिका अहम रही।