सत्संग भवन पर’क्षमा-याचना दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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बहरियाबाद गाजीपुर।संत निरंकारी सत्संग भवन पर वर्ष के अंतिम रविवार को ‘क्षमा-याचना दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाखा प्रमुख अमित सहाय ने कहा कि निरंकार परमात्मा का सर्वश्रेष्ठ साकार स्वरूप होता है। सतगुरु दयालु और कृपालु होता है। अगर हम पूरे श्रद्धा- भाव से सतगुरु के चरणों में सच्चे मन से समर्पित होकर जाने-अंजाने मे हुई गल्तियों के लिए क्षमा मांग लेते हैं तो वह कृपा करके हमें नव जीवन प्रदान कर हमारा कल्याण कर देते हैं। आगे कहा कि क्षमा मांगने वाला और क्षमा करने वाला दोनों श्रेष्ठ होते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘सम्पूर्ण हरदेव वाणी’ व ‘सम्पूर्ण अवतार वाणी’ के काव्य पाठ से हुआ। सेवादल की बहन बबिता ने प्रार्थना गीत रखा। इस मौके पर भजन गायकों व विचारकों ने भी अपने -अपने भजन व विचार रखें। डा.के.के. सिंह, डा. प्रेम सहाय, श्याम लाल गुप्ता, अनिरूद्ध कुशवाहा, संजीव बरनवाल, सुदामा राम, शिवराज, रामदुलारे, प्रमोद कुमार, लौजारी राम, कालिका प्रसाद, श्यामा, निर्मला, अनिता आदि आदि उपस्थित रहे। संचालन घूरन प्रसाद ने किया। अंत में लंगर प्रसाद की भी व्यवस्था रही।