सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव पूर्व जांच जरूरी  

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10 माह में 8403 गर्भवती की हुई जांच

 

हर माह की नौ तारीख को आयोजित होता है पीएमएसएमए दिवस

 

गाजीपुर।मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस की अहम भूमिका है।समय से प्रसव पूर्व जांच कर प्रसव की जटिलताएं दूर की जा सकती हैं। यह अभियान जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक माह की नौ तारीख को आयोजित किया जाता है।प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला डॉक्टरों द्वारा गर्भवती की नि:शुल्क जांच एवं इलाज के लिए परामर्श दिया जाता है।

एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ के के वर्मा ने बताया कि गर्भवती के सुरक्षित प्रसव के लिए विभाग द्वारा हर माह की नौ तारीख को जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत कैंप लगाया जाता है।इसमें महिलाओं को नि:शुल्क प्रसव पूर्व जांच जैसे ब्लड प्रेशर,ब्लड टेस्ट, हीमोग्लोबिन जांच आदि के साथ ही अन्य सेवाएँ व परामर्श दिया जाता है।यदि जांच में महिलाएं उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) के लिए चिन्हित होती हैं तो उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है।डॉ वर्मा ने बताया कि जनपद में अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 के बीच 8403 गर्भवती की जांच हुई।जिसमें तीन माह के गर्भधारण के बाद 6745 गर्भवती ने जांच कराई। जांच में कुल 609 गर्भवती उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली पाई गईं।एचआरपी महिलाओं को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर अलग चिह्नित किया जाता है जिससे डॉक्टर/विशेषज्ञ के परामर्श से प्रसव के समय कोई परेशानी न आए और सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।मोहम्मदाबाद ब्लाक के रायपुर गांव की रहने वाली रोशनी (21 वर्ष) को 23 जनवरी 2022 को पहला बच्चा हुआ। उन्होंने बताया कि आशा के माध्यम से लगातार प्रत्येक माह के 9 तारीख को स्वास्थ्य केंद्र पर जाती थी। इसी दौरान डॉक्टरों ने हिमोग्लोबिन कम होने की बात कही,लेकिन डॉक्टरों के कुशल देख रेख ने उनका सफल प्रसव हुआ।आज मां और बच्चे दोनों स्वस्थ हैं।वही केशवपुर की रहने वाली मधु उम्र 25 का पहला बच्चा विकलांग हुआ था वही दूसरा बच्चा 4 फरवरी 22 को हुआ।जिन्हें पहले हाई रिस्क प्रेगनेंसी के तहत चिन्हित किया गया था।लेकिन विभाग के द्वारा समय-समय पर जांच हुआ और दूसरा बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ है।