सूर्य नमस्कार आजादी के अमृत महोत्सव रूप में मनाया गया 

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गाजीपुर।सूर्य नमस्कार आजादी का अमृत महोत्सव उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसायटी मिशन निदेशक प्रो.सुखलाल भारती एवं आयुर्वेद निदेशक प्रो.एस.एन सिंह के निर्देशन में तथा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी ग़ाज़ीपुर डा० आनन्द विद्यार्थी एवं ज़िला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ग़ाज़ीपुर डा॰ एस॰ एन॰ गुप्ता के मार्गदर्शन में योग वेलनेस सेंटर राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय महाहर पर कार्यरत योग प्रशिक धीरज राय द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु ऑनलाइन एवं ऑफलाइन zoom app के माध्यम से लोगों को योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया गया जिसमें मुख्य रुप से फेफड़े की कार्य क्षमता को बढ़ाने व ऑक्सीजन लेवल को सामान्य रखने के लिए कपालभाति , अनुलोम- विलोम भस्त्रिका सूर्यभेदी उज्जायायी, प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम नाड़ी शोधन प्राणायाम एवं फेफड़े को मजबूत बनाने वाले आसन जैसे-सूर्य नमस्कार तथा कोरोना महामारी काल में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए नियमित योग करें मास्क पहने, 2 गज की दूरी रखें और बार-बार साबुन से हाथ को धोए ,सैनिटाइज करें और बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लगवाएं

ज़िला होम्योपैथ चिकित्साधिकारी डॉ एस॰ एन॰ गुप्ता* ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष मंत्रालय भारत सरकार के आह्वान पर 14 जनवरी, 2022 को प्रातः 7:00 बजे से 75 लाख लोगों के द्वारा सूर्य नमस्कार का अभ्यास संपन्न किया गया और भारतीय संस्कृति विलक्षण एवं संपूर्ण मानव के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करती है इस क्रम में सूर्य नमस्कार की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है सूर्य नमस्कार 12 आसनों का समूह है सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर के रक्त परिसंचरण में सुधार होता है। हृदय और फेफड़ों के कार्य प्राकृतिक होने लगते हैं शरीर की मांसपेशियां मजबूत एवं लचीली बनती हैं। शरीर की संधियों की क्षमता बढ़ती है पाचन एवं एकाग्रता में आशातीत सुधार होता है। सूर्य नमस्कार के अभ्यास से इन शारीरिक लाभों के साथ साथ ही आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त होता है परिणाम स्वरूप शरीर , मन तथा आत्मा में सामंजस्य पूर्ण स्थिति स्थापित होती है। इस विहंगम आयोजन को सफल बनाने हेतु लोगों को प्रेरित किया गया